पटना
बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने दिवंगत पिता को याद किया। मंत्री ने अपने जीवन के उस खास पल का जिक्र किया, जब वे मंत्री पद संभालने के बाद अब प्रोफेसर बनने जा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनके पिता की इच्छा थी कि वे राजनीति की उठापटक से दूर रहकर शिक्षा के क्षेत्र में जाएं और प्रोफेसर बनें। इसी सोच के तहत उन्होंने उन्हें पीएचडी करवाई ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और स्थिर रहे।
मंत्री ने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें पिता की बात जिद लगती थी, लेकिन आज समझ आता है कि वह दूरदर्शिता थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता अक्सर एस. पी. शाही से अपनी इच्छा व्यक्त करते थे कि उनका बेटा प्रोफेसर बने। आज जब वे उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं तो उन्हें पिता की हर बात याद आ रही है।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग प्रोफेसर बनकर मंत्री बनते हैं, लेकिन वे मंत्री बनने के बाद प्रोफेसर बन रहे हैं। एएन कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में योगदान देने जा रहे मंत्री ने इस अवसर पर बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह को नमन किया।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि उनके पिता के आशीर्वाद, शिक्षा के प्रति प्रेम और संस्कारों का परिणाम है। उन्होंने अंत में अपने पिता को कोटि-कोटि नमन करते हुए भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की।
