रंगों का कोई मज़हब नहीं होता, रंगों में रंगा भारत…

कहते हैं कि मज़हब के अलग-अलग रंग होते हैं लेकिन रंगों का कोई मज़हब नहीं होता है। यकीनन होली का त्यौहार है ही ऐसा कि न चाहते हुए भी हर कोई इसमें शामिल हो ही जाता है। भाईचारे को बयां करता यह त्यौहार अपने आप में बेहद अनुठा और बेहद शानदार है। बड़ों से लेकर छोटे बच्चों तक के रंगों में रंगे चेहरे हर किसी को उल्लास और रोमांच से भर देते हैं।

भारत अनेकता में भी एकता को प्रदर्शित करने वाला देश है इसलिये यहां पर हर पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वैसे अगर हाल फिलहाल के दौर को देखें तो कोरोना के डर से भले ही होली के मनाने के ढंग में परिवर्तन हुआ हो लेकिन इस पर्व की खुश्बू कभी खत्म होने वाली नहीं हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला क्योंकि लोग पूरी एहतियात बरतते हुए होली के इस पर्व को मना रहे हैं।

तो अगर आप भी होली के इस त्याहौर का आनंद लेना चाहते हैं तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए होली के इस खूबसूरत और मनोरंजक पर्व का आनंद ले सकते हैं।

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