बिहार में बाहुबलियों के पुत्रों की सड़क हादसों में मौत से उठे सवाल, क्या कोई साजिश है?
पटना
बिहार में हाल के वर्षों में बाहुबलियों और बड़े नेताओं के पुत्रों की सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। एक के बाद एक सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद अब लोग सवाल उठाने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ दुर्घटना है या इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।
2018 में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और उस समय के सांसद वीणा देवी के पुत्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शारदा यूनिवर्सिटी में MBA की पढ़ाई करते हुए नोयडा में सड़क हादसा हुआ।
2017 में इसी तरह पूर्व सांसद रामा सिंह के इकलौते पुत्र की मौत भी सड़क दुर्घटना में हो चुकी है। वे होंडा कार से बिहार से दिल्ली जा रहे थे।
हाल ही में नवादा के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव के पुत्र अखिलेश यादव की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन सभी मामलों में एक समान बात यह है कि मृतक प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या इन मामलों की गहराई से जांच हुई है या इन्हें सामान्य सड़क दुर्घटना मानकर बंद कर दिया गया।
हालांकि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर इन घटनाओं को दुर्घटना ही बताया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों और समर्थकों के बीच संदेह की स्थिति बनी हुई है। कई लोग इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इन घटनाओं ने एक बार फिर बिहार में सड़क सुरक्षा और राजनीतिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। लोगों का कहना है कि यदि प्रभावशाली परिवारों के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता होना स्वाभाविक है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद अब यह मांग तेज हो रही है कि ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज सड़क हादसे हैं या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।