बेटे की मौत का सदमा नहीं सह सकीं मां, एक ही घर से उठीं दो अर्थियां
शेखपुरा।
जिले के शेखोपुरसराय नगर पंचायत अंतर्गत नीमी गांव में गुरुवार की शाम ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक ही घर से मां और बेटे की अर्थियां उठीं तो गांव की गलियां सिसकियों से भर उठीं।
ग्रामीणों के अनुसार, नीमी गांव निवासी 45 वर्षीय सुनील ठाकुर लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार उम्मीद की डोर थामे हुए था, लेकिन गुरुवार की संध्या अचानक घर पर ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया।
बेटे की मौत की खबर जैसे ही मां तक पहुंची, उनकी वृद्ध मां यह सदमा सह नहीं सकीं। रोते-रोते वे अचेत हो गईं। परिजन उन्हें संभाल पाते, उससे पहले ही उन्हें हृदयाघात हुआ और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि उनकी उम्र लगभग 70 वर्ष थी।
कुछ ही देर में खुशियों से भरा वह आंगन मातम में बदल गया। एक साथ दो शवों को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोग भी इस हृदयविदारक दृश्य से द्रवित हो उठे।
सुनील ठाकुर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से 15 और 17 वर्ष के दो किशोर बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं दादी का स्नेह भी उनसे छिन गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शोकाकुल परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया जाए। गांव में फिलहाल गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।