इसलिए ग्रामीणों ने स्कूल पर हमला कर दिया, शिक्षक को पीटा, तोड़फोड़
बरबीघा
बुधवार को दोपहर इंटरनेट मीडिया के गांव की ही एक यूट्यूबर लड़की और गांव के ग्रामीण झोलाछाप चिकित्सकों ने ऐसी अफवाह फैलाई की उग्र होकर ग्रामीण स्कूल पर ढाबा बोल दिया।
शिक्षकों से मारपीट की स्वास्थ्य कर्मियों को बंधक बना लिया। शिक्षकों के बाइक से तोड़फोड़ किया। स्कूल में भी तोड़फोड़ कर दिया। बाद में केवटी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराई । यह मामला शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के नगर क्षेत्र के गंगटी गांव से जुड़ा हुआ है।
दरअसल, मध्य विद्यालय गंगटी में 14 वर्ष तक की किशोरियों को कैंसर रोधी टिका दिया जा रहा था। 55 किशोरियों को पहले फेज का टीका कुछ माह पहले ही दिया गया था । दूसरे फेज का यह टीका दिया जा रहा था । इसी बीच गांव की एक यूट्यूबर लड़की के द्वारा फेसबुक और यूट्यूब पर कैंसर रोधी टीकाकरण से बांझपन होने की अफवाह फैला दी ।
वीडियो जारी कर दिया। उस वीडियो को लेकर गांव के एक ग्रामीण झोलाछाप चिकित्सक ने भी अफवाह फैलाई ।
देखते ही देखते ग्रामीण उग्र हो गए और स्कूल को घेर लिया और किशोरियों को टीकाकरण नहीं करने को लेकर उग्रता का प्रदर्शन किया। अफवाह फैलने के बाद किशोरियों के मन में भी डर समा गया। दो-तीन किशोरी ने चक्कर आने की शिकायत की।
जिसे अस्पताल में पुलिस के माध्यम से भर्ती कराया गया । जहां उसकी प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे घर भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसे कोई बड़ी समस्या नहीं थी।
उधर, इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक रामानंद सागर ने बताया कि बड़ी संख्या में गांव वालों ने धावा बोल दिया । शिक्षकों से मारपीट की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को वह सूचना देते रहे, परंतु यहां कोई नहीं आया।
शिक्षा विभाग के द्वारा ही पत्र देकर कैंसर रोधी टीका लगाने का निर्देश मिला था। जिसका अनुपालन वे लोग कर रहे थे परंतु स्कूल में काफी परेशानी हो गई । उन्होंने बताया कि अफवाह की वजह से बच्चियों में डर फैल गया था।
इसको लेकर मौके पर पहुंचे बरबीघा अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक त्रिलोकी नाथ पांडे ने बताया कि कैंसर रोधी टीकाकरण बहुत ही उपयोगी है। किशोरी को यह लगाया जाता है। इससे गर्भाशय के कैंसर से बचाव होता है। यह काफी मानक टीकाकरण है। इससे कोई परेशानी नहीं होती है। गांव के यूट्यूबर और ग्रामीण चिकित्सक के अफवाह की वजह से बच्चियों में डर समा गया और उसे हल्का चक्कर आने की शिकायत हुई। बाद में गांव वालों को समझा कर मामला को शांत कर दिया गया।