पटना
मोकामा में पंचायत के दौरान फायरिंग से बवाल, वायरल वीडियो ने बिहार पुलिस पर उठाए सवाल
कुख्यात सोनू-मोनू के गांव में छापेमारी के दौरान युवक द्वारा पुलिस की तलाशी लेने का वीडियो वायरल
मोकामा/पटना: राजधानी पटना जिले के मोकामा अनुमंडल अंतर्गत पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में एक मामूली सोशल मीडिया विवाद ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी घटना का रूप ले लिया। पंचायत के दौरान फायरिंग, गांव में तनाव, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और फिर एक युवक द्वारा पुलिसकर्मियों की तलाशी लेने का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे बिहार में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो ने बिहार पुलिस की कार्यशैली और अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, नौरंगा जलालपुर गांव के वर्तमान पैक्स अध्यक्ष सह सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कुमार द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर गांव के दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। पोस्ट को लेकर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई और मामला धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया। विवाद को शांत कराने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग जुटे थे।
बताया जा रहा है कि पंचायत के दौरान बहस बढ़ गई और अचानक फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने अब तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने राउंड फायरिंग हुई और गोली किसने चलाई।
किन लोगों के नाम आ रहे सामने
घटना के बाद पुलिस का संदेह गांव के ही चर्चित युवकों सोनू और मोनू पर गया। पुलिस की कई टीमें लगातार उनके घर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारी कैंप कर रहे हैं ताकि दोबारा हिंसा न भड़क सके।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गंजी और जांघिया पहने एक युवक पुलिसकर्मियों की तलाशी लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी चुपचाप खड़े नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सोनू-मोनू के घर पर छापेमारी के दौरान का है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कौन हैं सोनू और मोनू
मोकामा क्षेत्र में सोनू और मोनू का नाम लंबे समय से दबंग और आपराधिक छवि वाले युवकों के रूप में चर्चा में रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों भाइयों का इलाके में दबदबा माना जाता है और वे कई विवादों में पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। इनका संबंध मोकामा के चर्चित बाहुबली राजनीति और आपराधिक नेटवर्क से जोड़कर भी देखा जाता रहा है। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में इनके खिलाफ कौन-कौन से मामले दर्ज हैं, इस पर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि दोनों का गांव में इतना प्रभाव है कि लोग खुलकर इनके खिलाफ बोलने से भी बचते हैं। वायरल वीडियो के बाद यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर पुलिस कार्रवाई के दौरान एक युवक पुलिस की ही तलाशी कैसे लेने लगा और पुलिसकर्मी विरोध क्यों नहीं कर सके।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर का दावा करने वाली पुलिस आखिर यहां इतनी असहाय क्यों दिखी। कई लोग इसे पुलिस की कमजोरी और अपराधियों के बढ़ते मनोबल का उदाहरण बता रहे हैं।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
गांव में तनाव, पुलिस कर रही कैंप
घटना के बाद नौरंगा जलालपुर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात किया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि दोनों पक्षों के बीच दोबारा टकराव न हो और स्थिति जल्द सामान्य हो सके।