MLC चुनाव में कैसे होती है वोट की गिनती , आसानी से समझें..पटनावरीयता मतों (Preference Votes) की गणना को समझना बहुत आसान है। इसे आप एक “एलिमिनेशन गेम” (Elimination Game) की तरह समझ सकते हैं, जहाँ जब तक किसी एक खिलाड़ी को जीत के लिए जरूरी अंक (कोटा) नहीं मिल जाते, तब तक सबसे कमजोर खिलाड़ी बाहर होता जाता है और उसके वोट दूसरों में बंटते जाते हैं।इसे एक उदाहरण से समझते हैं:मान लीजिए कुल 100 वैध वोट पड़े हैं। इस चुनाव का नियम है कि जीतने के लिए 50% से 1 वोट ज्यादा, यानी 51 वोटों का ‘कोटा’ चाहिए।मैदान में चार उम्मीदवार हैं: अमित, विकास, राहुल और सुरेश।चरण 1: पहली पसंद (First Preference) की गिनतीसबसे पहले सभी मतपत्रों (Ballot Papers) को देखा जाता है कि लोगों ने नंबर ‘1’ किसके सामने लिखा है।• अमित: 40 वोट• विकास: 30 वोट• राहुल: 20 वोट• सुरेश: 10 वोटनतीजा: किसी को भी जीत के लिए जरूरी 51 वोट नहीं मिले। इसलिए खेल आगे बढ़ेगा।चरण 2: सबसे पीछे वाले को बाहर करना और वोट ट्रांसफरअब सबसे कम वोट पाने वाले सुरेश (10 वोट) को चुनाव की रेस से बाहर कर दिया जाएगा।लेकिन सुरेश को मिले 10 वोट बेकार नहीं जाएंगे। अधिकारियों द्वारा सुरेश के उन 10 मतपत्रों को दोबारा खोलकर देखा जाएगा कि उन लोगों ने नंबर ‘2’ (दूसरी पसंद) पर किसे चुना था।मान लीजिए उन 10 लोगों में से:• 7 लोगों ने नंबर ‘2’ पर अमित को चुना था।• 3 लोगों ने नंबर ‘2’ पर विकास को चुना था।अब ये वोट अमित और विकास के खातों में जोड़ दिए जाएंगे:• अमित के नए कुल वोट: 40 + 7 = 47 वोट• विकास के नए कुल वोट: 30 + 3 = 33 वोट• राहुल के वोट: 20 (वैसे ही रहे)नतीजा: इस राउंड के बाद भी अमित के पास 47 वोट हैं, जो कि 51 के कोटे से कम है। इसलिए खेल एक बार फिर आगे बढ़ेगा।चरण 3: अगला एलिमिनेशनअब बचे हुए उम्मीदवारों में सबसे कम वोट राहुल (20 वोट) के पास हैं। इसलिए अब राहुल को रेस से बाहर किया जाएगा।अब राहुल के इन 20 मतपत्रों को जांचा जाएगा कि इनमें अगली पसंद (अगर सुरेश बाहर है तो उसके बाद की पसंद) किसे दी गई है।मान लीजिए इन 20 मतपत्रों में से:• 5 लोगों ने अमित को चुना था।• 15 लोगों ने विकास को चुना था।अब ये वोट ट्रांसफर होंगे:• अमित के अंतिम वोट: 47 + 5 = 52 वोट• विकास के अंतिम वोट: 33 + 15 = 48 वोटअंतिम परिणामचूंकि अमित को 52 वोट मिल गए, जो कि जीत के निर्धारित कोटे (51) से अधिक है, इसलिए अमित को विजेता घोषित कर दिया जाएगा।आसान शब्दों में कहें तो: इस प्रणाली में आपका वोट तब तक बेकार नहीं जाता जब तक कि आपकी पसंद का कोई न कोई उम्मीदवार रेस में बना रहता है। अगर आपकी पहली पसंद हारकर बाहर होती है, तो आपका वोट आपकी दूसरी पसंद वाले उम्मीदवार के खाते में ट्रांसफर हो जाता है।
