जंतर-मंतर पर भारी तनाव: फ्लाइट से उतरते ही CJP के शीर्ष नेता हिरासत में, जंतर-मंतर बना छावनी
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले जंतर-मंतर पर आज सुबह से ही भारी राजनीतिक ड्रामा और तनाव का माहौल है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आहूत आंदोलन को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह से नाकाम करने के लिए चौतरफा घेराबंदी कर दी है। पुलिसिया सख्ती का आलम यह है कि आंदोलन के मुख्य सूत्रधारों को दिल्ली की धरती पर कदम रखते ही दबोच लिया गया।
फ्लाइट से उतरते ही कड़ा एक्शन
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका जैसे शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरते ही हिरासत में ले लिया। प्रशासन किसी भी कीमत पर इन नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने का मौका नहीं देना चाहता था। वहीं, CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह को जंतर-मंतर के पास से और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम से हिरासत में लिए जाने की खबर है।
छावनी में तब्दील हुआ मध्य दिल्ली
इलाके में कड़ाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जंतर-मंतर को चारों तरफ से कटीले तारों और भारी बैरिकेड्स से सील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और CRPF के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। सुबह से ही प्रदर्शन के लिए छिटपुट हिस्सों में पहुंच रहे करीब 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बलपूर्वक बसों में भरकर अलग-अलग थानों और अस्थाई डिटेंशन सेंटरों में भेज दिया है।
विपक्ष का समर्थन, पुलिस मुस्तैद
इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP), लेफ्ट और टीएमसी जैसी विपक्षी पार्टियों का भी नैतिक समर्थन हासिल है, जिसके चलते खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। धारा 163 लागू होने और 57 मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। समाचार लिखे जाने तक जंतर-मंतर पर केवल सुरक्षाकर्मियों और मीडिया का जमावड़ा है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है।