जगन्नाथपुरी से अक्षरधाम तक… शेखपुरा में सजे आस्था के भव्य दरबार
शेखपुरा:
नवरात्र की सप्तमी के साथ ही शेखपुरा में दशहरा उत्सव की रौनक परवान चढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख स्थालों पर सजे भव्य पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। कहीं जगन्नाथपुरी के प्रसिद्ध मंदिर की झलक दिख रही है, तो कहीं अक्षरधाम की भव्यता मन मोह रही है। इस्कॉन के मायापुर मंदिर और सारनाथ के बौद्ध मंदिर की आकृति वाले पंडालों ने शेखपुरा के दशहरा उत्सव को खास बना दिया है।

शहर की विभिन्न पूजा समितियों ने इस बार अलग-अलग धार्मिक स्थलों की थीम पर पंडाल तैयार कराए हैं। इन्हें अंतिम रूप देने के लिए पिछले एक महीने से कारीगर जुटे हुए थे। उनकी मेहनत अब रंग लाने लगी है और शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते पंडालों की खूबसूरती देखते ही बन रही है।

कहीं जगन्नाथपुरी, तो कहीं अक्षरधाम का वैभव
इंदाय दुर्गा पूजा समिति ने ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथपुरी मंदिर की आकृति पर भव्य पंडाल तैयार कराया है। वहीं, इस्कॉन के मायापुर स्थित विशाल मंदिर की थीम पर बना पंडाल भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। चांदनी चौक की पटेल दुर्गा पूजा समिति ने गुजरात के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर के स्वरूप को पंडाल में उतारा है। दूसरी ओर, खांडपर की दुर्गा पूजा समिति ने उत्तर प्रदेश के सारनाथ स्थित बौद्ध मंदिर की आकृति वाला मनोरम पंडाल बनाया है।

पंडालों के सामने ठहर जा रहे कदम
इन पंडालों की खूबसूरती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बाजार में खरीदारी के लिए निकलने वाले लोग भी कुछ पल ठहरकर इन्हें निहार रहे हैं। गांवों से शहर आने वाले लोगों के लिए भी ये पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शाम के समय रोशनी से नहाई सड़कों और सजे पूजा स्थलों के बीच उत्सवी माहौल और भी जीवंत हो उठता है।
दशहरा को लेकर पूजा समितियों ने शहर की सड़कों और आम रास्तों को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया है। इससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल दिखाई देने लगा है। इस वर्ष शेखपुरा की दुर्गा पूजा समितियों का कुल बजट एक करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
