शिक्षक के आचरण से प्रभावित होते हैं सैकड़ों बच्चे : राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक यद्दु नंदन प्रसाद

 शिक्षक के आचरण से प्रभावित होते हैं सैकड़ों बच्चे : राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक यद्दु नंदन प्रसाद

शेखपुरा : 

शिक्षक दिवस पर शनिवार को जिलेभर में कार्यक्रमों की धूम रही। सरकारी और निजी विद्यालयों में समारोह आयोजित कर शिक्षकों के योगदान को याद किया गया। इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित भी किया गया। विद्यालयों में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

जिला मुख्यालय स्थित अभ्यास मध्य विद्यालय में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में वर्ष 2003 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जिले के इकलौते शिक्षक यद्दु नंदन प्रसाद को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक मुरारी प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए यद्दु नंदन प्रसाद ने शिक्षकों से आदर्श आचरण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को भी आकार देते हैं। एक शिक्षक का आचरण सैकड़ों बच्चों के साथ उनके परिवारों को भी प्रभावित करता है। इसलिए शिक्षक के व्यवहार में सरलता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षकों के मान-सम्मान में कुछ कमी आई है। इसके लिए शिक्षकों को आत्ममंथन करते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक जवाबदेह बनने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के साथ आत्मीय व्यवहार और समाज के प्रति जिम्मेदारी ही शिक्षक की वास्तविक पहचान है।

समारोह के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने भी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन को जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी बताया। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

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